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गुरदासपुर।
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर, मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन,होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि बिना चोट के सूजन और दर्द और नीले निशान पड़ रहे हैं तो लोग इसे झाड़ फूंक वाली समस्या समझकर अपना समय गाव लेते हैं। जबकि वास्तव में यह समस्या गंभीर होती है।हीमोफीलिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में खून का थक्का ठीक से नहीं बन पाता है। इसका मुख्य कारण खून में जरूरी ‘क्लॉटिंग फैक्टर्स’ की कमी होना है।
ज्यादातर लोगों को लगता है कि हीमोफीलिया का मतलब सिर्फ कटने पर खून का न रुकना है, लेकिन ऐसा नहीं है। खासकर बच्चों और युवाओं में इसके कुछ शुरुआती और प्रमुख लक्षण इस प्रकार देखे जाते हैं:
बार-बार नील पड़ना: बिना किसी वजह या हल्की चोट पर ही शरीर पर नीले निशान उभर आना।जोड़ों में समस्या: घुटनों, टखनों और कोहनियों में दर्द और सूजन होना।दांतों के इलाज के बाद: लंबे समय तक खून बहते रहना।नाक से खून आना: बार-बार नकसीर फूटना।जोड़ों के लिए खतरनाक? कई बार हीमोफीलिया के कारण शरीर के अंदर ही अंदर, विशेषकर जोड़ों में खून जमा होने लगता है। शुरुआत में यह हल्के दर्द, जकड़न, उस हिस्से के गर्म होने या चलने-फिरने में होने वाली परेशानी के रूप में सामने आता है। अगर समय पर इसका सही इलाज न किया जाए, तो यह लगातार दर्द का कारण बन सकता है और हमेशा के लिए जोड़ों को खराब कर सकता है, जिससे चलने-फिरने में स्थायी दिक्कत आ सकती है।हीमोफीलिया (Hemophilia) एक दुर्लभ, आनुवंशिक (genetic) विकार है, जिसमें खून में थक्का जमाने वाले प्रोटीन (Clotting Factor VIII or IX) की कमी के कारण चोट लगने पर खून का बहना जल्दी बंद नहीं होता है। यह मुख्य रूप से पुरुषों को प्रभावित करता है और महिलाओं द्वारा फैलता है। सही इलाज (फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी) और सावधानी से इसके साथ सामान्य जीवन जिया जा सकता है। हीमोफीलिया के मुख्य बिंदु:प्रकार: हीमोफीलिया A (फैक्टर VIII की कमी) और हीमोफीलिया B (फैक्टर IX की कमी)।
लक्षण:बिना वजह या मामूली चोट पर लंबे समय तक ब्लीडिंग होना।
जोड़ों और मांसपेशियों में सूजन और गंभीर दर्द (आंतरिक रक्तस्राव)।
त्वचा पर बड़े नीले निशान (bruises) पड़ना।नाक से खून आना।
कारण: यह एक आनुवंशिक समस्या है जो माता-पिता से बच्चों में आती है।हीमोफीलिया पैदा करने वाले जीन एक्स क्रोमोसोम पर स्थित होते हैं। इसी कारण हीमोफीलिया मुख्य रूप से पुरुषों को प्रभावित करता है, क्योंकि उनके पास केवल एक ही एक्स क्रोमोसोम होता है। महिलाओं के पास दो एक्स क्रोमोसोम होते हैं, जिसका अर्थ है कि उनमें आमतौर पर जीन की एक उत्परिवर्तित प्रति और एक सामान्य प्रति होती है। इसलिए यह यह मुख्य रूप से पुरुषों को प्रभावित करता है और महिलाओं द्वारा फैलता है
Author: Rm Global Tv

